UPSC mains and Interview

मुख्य परीक्षा के बारे में

मुख्य परीक्षा सिविल सेवा परीक्षा का द्वितीय चरण है जिसमें प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद शामिल होना पड़ता है। इस परीक्षा का आयोजन सामान्यतः प्रतिवर्ष नवम्बर-दिसम्बर माह के दौरान किया जाता है। प्रारम्भिक परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों में से प्रतिवर्ष लगभग 12000-15000 परीक्षार्थियों का चयन मुख्य परीक्षा हेतु किया जाता है। मुख्य परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न व्यक्तिनिष्ठ प्रकृति (Subjective Type) के होते हैं। इस परीक्षा में शामिल विषयों में- सामान्य अध्ययन के चार प्रश्न-पत्र (I, II, III एवं IV), निबंध तथा अनिवार्य अंग्रेजी व अनिवार्य भारतीय भाषा आते हैं। सामान्य अध्ययन एवं वैकल्पिक विषय के प्रत्येक प्रश्न-पत्र के लिए 250 अंक तथा निबंध प्रश्न-पत्र के लिए 250 अंक निर्धरित होते हैं, जबकि अनिवार्य अंग्रेजी तथा भारतीय भाषा के प्रश्न-पत्रों के लिए निर्धरित अंकों (क्रमशः 300 और 300) को मुख्य परीक्षा के पूर्णांक (1750) में शामिल नहीं किया जाता है। स्मरणीय है कि प्रारम्भिक परीक्षा हेतु आवेदन करते समय अभ्यर्थी द्वारा मुख्य परीक्षा हेतु इंगित किये गये अपने वैकल्पिक विषय को मुख्य परीक्षा का आवेदन-प्रपत्र भरते समय अपनी इच्छानुसार परिवर्तित भी किया जा सकता है। मुख्य परीक्षा में प्रश्नों के एक नियोजित तरीके से वर्णनात्मक उत्तर अपेक्षित होते हैं। इस परीक्षा में अभ्यर्थी का मूल्यांकन न सिर्फ उसकी लेखन एवं विश्लेषणात्मक क्षमता बल्कि उन विभिन्न मुद्दों पर उसकी पकड़ (Command) के आधर पर भी किया जाएगा, जो प्रशासनिक व्यवस्था अथवा अधिकारी-तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

साक्षात्कार के बारे में

साक्षात्कार सिविल सेवा परीक्षा का अंतिम चरण है। मुख्य परीक्षा में आयोग द्वारा निर्धरित अंक प्राप्त करने के पश्चात् अभ्यर्थियों को साक्षात्कार हेतु बुलाया जाता है। यह विज्ञापित सीटों का औसतन दो से ढाई गुना होता है। इसमें UPSC के सदस्य एक विशेषज्ञ टीम के सहयोग से अभ्यर्थी का व्यक्तित्व परीक्षण करते हैं। यह 275 अंकों का होता है और इसमें प्राप्त अंक अंतिम चयन में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। साक्षात्कार की व्यक्तिनिष्ठ प्रकृति एवं प्रश्नों की व्यापकता इसे एक चुनौतीपूर्ण चरण बना देती है। इसलिए अभ्यर्थियों को इसके लिए विशेष रूप से सतर्क होना आवश्यक हो जाता है।