सरकार ने गंवाया सुधार का अवसर

सन्दर्भ यदि यह कोई सामान्य वर्ष होता तो वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट को बाजार बिना किसी खास हलचल के स्वीकार कर लेते। थोड़ी खुशी, थोड़ी नाखुशी के साथ कुल मिलाकर व्यापक तौर पर इसे स्वीकार कर लिया जाता। बहरहाल Read More …

2020 में भी रहेगा 2019 की घटनाओं का असर

सन्दर्भ वैश्विक स्तर पर और भारत के स्तर पर सन 2020 कैसा साबित हो सकता है? इस सवाल के जवाब की तलाश करते हुए मैं अनिश्चितता और अपर्याप्त जानकारी के धुंध को पार करने का प्रयास करता हूं तो हालिया Read More …

फिच रेटिंग्स ने भारत के वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को 4.6% किया

फिच रेटिंग्स ने भारत के वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भारत की सकल घरेलु उत्पादन दर के अनुमान को 4.4% कर दिया है। फिच रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2020-21 में विकास दर 5.6% रहने का अनुमान लगाया है। मुख्य बिंदु Read More …

अर्थव्यवस्था की स्थिति और सरकार का रुख

सन्दर्भ देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में गिरकर 4.5 फीसदी रह गई। पूरे वर्ष के लिए यह अधिक से अधिक 5 फीसदी रहेगी। आम आदमी को यह समझ नहीं आ Read More …

आरबीआई ने रेपो रेट को अपरिवर्तित 5.15% रखा जीडीपी विकास दर के अनुमान में आई कमी

आरबीआई ने रेपो रेट (अल्पकालिक उधार दर) को अपरिवर्तित 5.15% पर रखा है। यह निर्णय आरबीआई की पांचवी द्विमासिक नीति समीक्षा के दौरान लिया गया। वर्तमान में  रेपो रेट 5.15% पर है, यह 2010 के बाद का निम्नतम स्तर है। Read More …

आसान नहीं आर्थिक सुस्ती को तोड़ना

सन्दर्भ सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के ताजा आँकड़े बता रहे है कि देश में आर्थिक सुस्ती बनी हुई है। जुलाई से सितंबर 2019 की अवधि के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 4.55 प्रतिशत ही रही। सकल घरेलू Read More …