दीक्षांत न्यूज ANALYSIS 15 JAN

मछली में फोर्मेलिन के उपयोग की वजह से बिहार सरकार द्वारा प्रतिबन्ध लगाया गया

चर्चा में क्यों?

संदर्भ: बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने राजधानी पटना में आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल से मछलियों की बिक्री पर 15 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंध में आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल से मछली का भंडारण और परिवहन शामिल है।

फॉर्मालिन एक विषैला, रंगहीन घोल है जो पानी में फॉर्मल्डिहाइड गैस को घोलकर बनाया जाता है।

  • यह एक कैंसर-उत्प्रेरण रसायन है जिसका उपयोग मछली को संरक्षित करने के लिए और कीटाणुनाशक के रूप में किया जाता है। इसका उपयोग अन्य उत्पादों के बीच कीटनाशकों, उर्वरकों, गोंद, कागज और पेंट के निर्माण में किया जाता है।
  • फॉर्मेलिन से आंखों, गले, त्वचा और पेट में जलन होती है। लंबे समय तक जारी रहने से किडनी, लीवर को नुकसान पहुंचता है और यहां तक ​​कि कैंसर भी हो सकता है।
  • फॉर्मलडिहाइड एक अत्यधिक प्रतिक्रियाशील, ज्वलनशील गैस है, जिसका अर्थ है कि यह आग की लपट या गर्मी के संपर्क में आने पर खतरा बन सकता है।

मछली को फॉर्मेलिन के साथ क्यों रखा जाता है?

  • मछली एक जल्दी खराब होने वाली वस्तु है। यदि इसे 5 डिग्री सेल्सियस के उचित तापमान पर नहीं रखा जाता है, तो यह खराब हो जाता है। इससे बचने और इसके रखने के जीवन को बढ़ाने के लिए, विक्रेता अब फोर्मेलिन और अमोनिया जैसे रसायनों का उपयोग करते हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना को लेकर चिंता जताई

चर्चा में क्यों?

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना को लेकर चिंता जताई है। आरबीआई ने वित्त मंत्रालय के साथ सभी बैंकों को चिट्ठी लिखकर चेतावनी दी है कि मुद्रा योजना के तहत दिए जाने वाले कर्ज से एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) बढ़ रहा है। रिजर्व बैंक ने इस मामले में वित्त मंत्रालय को जरूरी दम उठाने के लिए भी कहा है।

मुख्य बिंदु

  • वित्त वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत 2.46 ट्रिलियन रुपये ऋण के रूप में प्रदान किये गये।
  • इस प्रदत्त राशि में से 40% राशि महिला उद्यमियों को प्रदान की गयी जबकि 33% राशि सामाजिक श्रेणियों में वितरित की गयी।
  • इस योजना से 4.81 करोड़ सूक्ष्म ऋण प्राप्तकर्ता लाभान्वित हो चुके हैं।

भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत नॉन-परफोर्मिंग एसेट्स बढ़कर 11,000 करोड़ रुपये हो गयी है।