INF संधि से अलग होने के बाद अमेरिका ने मध्यम दूरी की क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया

अमेरिका के रक्षा विभाग ने हाल ही में मध्यम दूरी की क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया। गौरतलब है कि इससे कुछ सप्ताह पहले ही अमेरिका इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज (INF) संधि से अलग हुआ है।

इस मिसाइल को लोस अंजेलेस से लांच किया गया था। इस मिसाइल ने 500 किलोमीटर से अधिक की उड़ान के बाद अपने लक्ष्य को नष्ट किया। यह मिसाइल परमाणु क्षमता वाली टॉमहॉक क्रूज मिसाइल का संस्करण है।

इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज (INF) संधि

यह शीतकाल की एक महत्वपूर्ण संधि थी, इस संधि के द्वारा 500-5000 किलोमीटर की भूमि से लांच की जाने वाली परमाणु मिसाइलों के निर्माण व परीक्षण पर प्रतिबन्ध लगाया गया था। इस संधि पर दिसम्बर, 1987 में अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन तथा उनके सोवियत संघ के समकक्ष मिखाइल गोर्बाचेव ने हस्ताक्षर किये थे।

इस संधि के द्वारा सभी परमाणु तथा पारंपरिक मिसाइलों (जिनकी रेंज 500-1000 किलोमीटर तथा 1000 से 5,500 किलोमीटर है) , उनके लांचर पर प्रतिबन्ध लगाया गया था। इस संधि के द्वारा दो महाशक्तियों के बीच हथियारों के विकास की दौड़ पर रोक लगी तथा यूरोप में अमेरिका के नाटो सहयोगियों का रूसी आक्रमण से बचाव भी हुआ। इस संधि का निर्माण यूरोप में स्थायित्व लाने के लिए किया गया था।

संधि से पीछे हटने के कारण

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आरोप लगाया है कि रूस ने इस संधि का उल्लंघन करता है और पहले भी कई बार उल्लंघन कर चुका है। यह आरोप रूस की कथित नोवातोर 9M729 मिसाइल (SSC-8) के विकास व तैनाती की ख़बरों के बाद लगाया गया है, यह मिसाइल यूरोप पर बहुत कम समय में हमला कर सकती है। बराक ओबामा ने भी अपने कार्यकाल में 2014 में यह मुद्दा उठाया था। परन्तु रूस ने इन आरोपों को ख़ारिज किया तथा अमेरिका पर यूरोप में मिसाइल सिस्टम स्थापित करने का आरोप लगाया।

परिणाम

अमेरिका द्वारा संधि से बाहर के बाद अब अमेरिका प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभुत्व को कम करने के लिए नए परमाणु हथियारों का विकास कर सकता है। इस संधि के बाद रूस और अमेरिका में फिर से हथियारों की दौड़ की शुरू हो सकती है।