गरीबों के जीवन का अर्थशास्त्र

सन्दर्भ सड़क पर डोसा बेचने वाली महिला के पास एक भूखे अर्थशास्त्री के जाने का जिक्र भला क्यों होगा, जब तक कि वह अर्थशास्त्री अभिजीत वी बनर्जी न हों। ऐसा आंध्र प्रदेश के छोटे से शहर गुंटूर के एक गरीब Read More …

सोने की बढ़ती चमक

सन्दर्भ भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्वर्ण उपभोक्ता देश है और अपनी लगभग पूरी स्वर्ण माँग आयात के जरिए पूरी करता है। ऐसे में सोने के आयात में कमी अर्थव्यवस्था के लिए लाभप्रद है। आर्थिक सुस्ती के वर्तमान दौर Read More …

कृषि और छोटे उद्योगों के पास उच्च वृद्धि की कुंजी

सन्दर्भ कॉर्पोरेट कर में की गई हालिया कटौती ने शेयर बाजार को उत्साह से भर दिया है लेकिन यह भारतीय अर्थव्यवस्था को पाँच लाख करोड़ डॉलर के लक्ष्य तक पहुँचाने के लिए वृद्धि दर के जरूरी स्तर के करीब भी Read More …

क्या हम अब भी साथ चलेंगे

सन्दर्भ भारत और  चीन के रिश्तों में आई हालिया स्थिरता ने मानो पूर्व के अशांत दौर की यादें मिटा दी है। देखा जाए, तो साल 2014 से 2017 के बीच हमने आपसी संबंधों में जो तनाव, कड़वाहट और अविश्वास देखा Read More …

आर्थिक सुस्ती तोड़ने का सही उपाय

सन्दर्भ अब यह मानने में कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि देश आर्थिक सुस्ती के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में एक प्रश्न यह भी खड़ा होता है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? वित्त मंत्रालय में मुख्य Read More …

बुनियादी क्षेत्र में भी आए कर कटौती जैसी व्यवस्था

सन्दर्भ कर कटौती को लेकर संभवत: सरकार का सोचना यह है कि इससे राजस्व का जो भी नुकसान हो रहा है, दीर्घावधि में उससे ज्यादा हासिल होगा। हम भी इस बात को सहर्ष मान रहे हैं। इसके बावजूद इस दलील Read More …