सीएबी-एनआरसी का लक्ष्य बांटो और जीतो

सन्दर्भ सात दशकों से पाकिस्तान का सत्ता प्रतिष्ठान एक ही राग अलाप रहा है : ‘कश्मीर विभाजन एक अधूरा मसला है। उसे हल करने के बाद भारत और पाकिस्तान मित्रवत रह सकते हैं। ठीक कनाडा और अमेरिका की तरह।’ भारत Read More …

ईरान में प्रदर्शन और भारत की चिंताएं

सन्दर्भ बीते मंगलवार को एमनेस्टी इंटरनेशनल से मिली एक रिपोर्ट के अनुसार ईरान में अब तक दो सौ आठ प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। एमनेस्टी के एक अधिकारी के अनुसार इनमें से ज्यादातर मौतें पिछले एक सप्ताह में प्रदर्शनों Read More …

आर्थिक रसूख का कूटनीतिक प्रयोग

सन्दर्भ इसमें दो राय नहीं कि बीते कुछ वर्षों में भारतीय कूटनीति का तेजी से उद्भव हुआ है। कुछ मायनों में यह वैसा ही है जैसा कि इसे होना चाहिए। प्रभावी कूटनीति का अर्थ ही होता है तमाम तरह के Read More …

आसान नहीं आर्थिक सुस्ती को तोड़ना

सन्दर्भ सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के ताजा आँकड़े बता रहे है कि देश में आर्थिक सुस्ती बनी हुई है। जुलाई से सितंबर 2019 की अवधि के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 4.55 प्रतिशत ही रही। सकल घरेलू Read More …

सेना के साये में ही रहेगा पाकिस्तान

सन्दर्भ कहने को पाकिस्तान एक लोकतंत्र है जहां चुनी हुई सरकार शासन करती है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। यहां सेना प्रमुख को देश की सबसे बड़ी हस्ती माना जाता है। फौज का मुखिया वहां एक पेशेवर सैनिक होने के Read More …

विनिवेश का सही तरीका

सन्दर्भ केंद्र सरकार ने हाल में तीन सार्वजनिक उपक्रमों यानी पीएसयू के विनिवेश का फैसला किया है। ये तीन उपक्रम हैं-भारत पेट्रोलियम, शिपिंग कॉर्पोरेशन और कॉन्कोर। इनमें सरकार की बहुलांश हिस्सेदारी है। इनका संचालन मुख्य रूप से सरकारी अधिकारियों द्वारा Read More …