सतत विकास लक्ष्य लैंगिक सूचकांक : भारत को 95वां स्थान प्राप्त हुआ

हाल ही में पहला सतत विकास लक्ष्य लैंगिक सूचकांक जारी किया गया, इस सूचकांक में लैंगिक समानता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए की गयी प्रगति के आधार पर देशों का मूल्यांकन किया गया। इस सूचकांक में 129 देशों की सूची में भारत को 129वां स्थान प्राप्त हुआ है। इस सूचकांक को इक्वल मेजर्स 2030 द्वारा किया गया है।

मुख्य बिंदु

इस सूचकांक के लिए देशों का मूल्यांकन 51 सूचकों के आधार पर किया गया है। इस सूचकांक में देशों को 0-100 अंक के बीच स्कोर प्रदान किया गया। इस सूचकांक में 100 का स्कोर मिलने का अर्थ है कि उक्त देश ने लैंगिक समानता के सभी लक्ष्य प्राप्त कर लिए हैं। जबकि 50  के स्कोर का अर्थ है कि उक्त देश अभी अपने लक्ष्य को आधा ही प्राप्त कर पाया है। इस सूचकांक का वैश्विक औसत स्कोर 65.7 (खराब) रहा।

टॉप 10 देश

  1. डेनमार्क
  2. फ़िनलैंड
  3. स्वीडन
  4. नॉर्वे
  5. नीदरलैंड
  6. स्लोवेनिया
  7. जर्मनी
  8. कनाडा
  9. आयरलैंड
  10. ऑस्ट्रेलिया

सबसे निचले 10 देश

  1. सिएरा लियॉन
  2. लाइबेरिया
  3. नाइजीरिया
  4. माली
  5. मॉरिटानिया
  6. नाइजर
  7. यमन
  8. कांगो
  9. DR कांगो
  10. चाड

भारत का प्रदर्शन

इस सूचकांक में भारत को 56.2 का स्कोर प्राप्त हुआ, भारत उन 43 देशों में शामिल है जो “वैरी पूर” श्रेणी में आये हैं। स्वास्थ्य (79.9), भूख (76.2) तथा उर्जा (71.8) में भारत का प्रदर्शन काफी अच्छा है। पार्टनरशिप (18.3), उद्योग, अधोसंरचना तथा नवोन्मेष (38.1) तथा जलवायु (43.4) में भारत का प्रदर्शन काफी खराब रहा।

इक्वल मेजर्स 2030

यह विभिन्न क्षेत्रीय व वैश्विक संस्थाओं का समूह है, इसमें बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन, अफ्रीकन विमेंस डेवलपमेंट एंड कम्युनिकेशन नेटवर्क, इंटरनेशनल विमेंस हेल्थ कोएलिशन तथा प्लान इंटरनेशनल शामिल हैं।