मालदीव के एक हजार लोकसेवकों को प्रशिक्षण देने में मदद करेगा भारत

भारत के प्रमुख लोकसेवा प्रशिक्षण संस्थान राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) ने मालदीव के एक हजार लोकसेवकों को प्रशिक्षण देने में मदद हेतु मालदीव लोकसेवा आयोग के साथ समझौता किया है. एनसीजीजी और मालदीव सिविल सेवा आयोग के बीच अगले पांच साल के दौरान एक हजार लोकसेवकों के क्षमता निर्माण के लिए ट्रेनिंग देने का समझौता हुआ है.

आधिकारिक बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव की राजधानी माले की यात्रा के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. यह जानकारी कार्मिक मंत्रालय ने दी.

समझौते से संबंधित मुख्य तथ्य:

  • समझौते के मुताबिक, एनसीजीजी मालदीव लोकसेवा आयोग की जरूरतों को ध्यान में रखकर प्रशिक्षण मॉड्यूल बनाने और उसके कार्यान्व्यन के लिए नोडल संस्थान होगा.
  • बयान के अनुसार, प्रशिक्षण कार्यक्रम में लोक प्रशासन, ई-गवर्नेंस, लोकनीति और सुशासन, सूचना प्रौद्योगिकी, तटीय इलाकों में मत्स्य पालन में सबसे अच्छी प्रक्रिया, कृषि आधारित प्रक्रियाएं, स्वयं सहायता समूहों की पहल, शहरी विकास और प्रशासन में योजना एवं आचार-विचार विषय शामिल होंगे.
  • कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, विदेश मंत्रालय प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े सभी खर्चों का वहन करेगा.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 08 जून 2019 को मालदीव दौरे पर पहुंचे थे. इस दौरान भारत और मालदीव के बीच छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. मालदीव ने प्रधानमंत्री मोदी को विदेशियों को दिए जाने वाले अपने सर्वोच्च सम्मान ‘रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीन’ से सम्मानित किया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकवाद हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौती है. यह खतरा एक देश या एक क्षेत्र के लिए नहीं, यह खतरा पूरी मानवता के लिए है. पीएम मोदी ने मालदीव की संसद ‘मजलिस’ को भी संबोधित किया था. पीएम मोदी ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि लोग अब भी अच्छा आतंकी और बुरा आतंकी का भेद करने की गलती कर रहे हैं.

भारतमालदीव सम्बन्ध:

भारत और मालदीव के बीच संबंध सामरिक, आर्थिक और सैन्य सहयोग में दोस्ताना और करीबी रहे हैं. भारत ने द्वीप राष्ट्र पर सुरक्षा बनाए रखने में योगदान दिया हैं. मालदीव हिंद महासागर में स्थित 1200 द्वीपों का देश है, जो भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से काफी अहम है. मालदीव के समुद्री रास्ते से निर्वाध रूप से चीन, जापान और भारत को एनर्जी की सप्लाई होती है.

मालदीव के साथ भारत के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंध हैं. मालदीव के साथ नई दिल्ली का धार्मिक, भाषाई, सांस्कृतिक और व्यावसायिक संबंध है. साल 1965 में आजादी के बाद मालदीव को सबसे पहले मान्यता देने वाले देशों में भारत शामिल था.

पृष्ठभूमि:

एनसीजीजी ने अप्रैल में मालदीव के 28 लोकसेवकों को प्रशिक्षण दिया था. इसकी सफलता ने दोनों देशों को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. ईपन ने कहा कि साल 2019 में एनसीजीजी ने बांग्लादेश, म्यांमार, गाम्बिया और मालदीव के लोकसेवकों के लिए सफलतापूर्वक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं.