भारत को सौंपा गया पहला राफेल लड़ाकू विमान

भारत को फ्रांस से पहला राफेल लड़ाकू विमान 8 अक्टूबर को सौंपा गया। इसके लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फ्रांस गये थे, वहां पर उन्होंने राफेल के लिए शस्त्र पूजा की। 8 अक्टूबर को वायुसेना का स्थापना दिवस भी मनाया जाता है।

मुख्य बिंदु

गौरतलब है कि छोटे-छोटे बैच में भारतीय पायलट्स को फ़्रांसिसी वायुसेना द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मई, 2020 तक फ्रांस भारतीय वायुसेना के 24 पायलट्स को तीन बैच में प्रशिक्षण प्रदान करेगा। भारतीय वायुसेना राफेल के एक-एक स्क्वाड्रन को अम्बाला (हरियाणा) तथा हाशिमारा (पश्चिम बंगाल) के एयरबेस में तैनात करेगी। भारतीय वायुसेना ने इन दो एयरबेस में आवश्यक अधोसंरचना जैसे शेल्टर, हेंगर तथा मेंटेनेंस फैसिलिटी के लिए लगभग 400 करोड़ का व्यय किया है।

सितम्बर, 2016 में भारत ने फ़्रांसिसी सरकार तथा दसौल्ट एविएशन के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए 7.8 अरब यूरो के सौदे पर हस्ताक्षर किये थे। सौदे पर हस्ताक्षर किये जाने के 67 महीनों के भीतर भारत को सभी राफेल लड़ाकू विमानों की डिलीवरी कर दी जायेगी।