भारतीय मूल के वैज्ञानिक एस. एस. वासन की अगुआई में बन रहा कोरोना वायरस से लड़ने हेतु वैक्सीन

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के वैज्ञानिक एस. एस. वासन के नेतृत्व वाली टीम कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार करने के करीब है। इसका परिक्षण ऑस्ट्रेलिया के पशु स्वास्थ्य प्रयोगशाला (एएएचएल) की हाई सेक्योरिटी लैब में चल रहा है।

वुहान से फैलाना शुरू हुआ खतरनाक कोरोना वायरस महामारी के रूप में विश्व के लगभग 31 देशों तक पहुंच गया है। ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में इसके मरीजों की पुष्टि हुई है। अब तक 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है तो वहीं 30 हजार से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं।

एस. एस. वासन के बारे में

प्रोफेसर वासन ने ऑक्सफॉर्ड के ट्रिनिटी कॉलेज में पढ़ाई की है। इसके अलावा प्रोफेसर वासन ने जीका वायरस, चिकनगुनिया और डेंगू आदि के टीक की खोज के लिए भी काम किया है।

कोरोना वायरस वैक्सीन पर शोध

प्रत्येक देश में विभिन्न टीमें इस वायरस का इलाज खोजने हेतु अपने तरीके से अनुसंधान में लगी हुई हैं। ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने हाल में एक व्यक्ति के सैंपल से मिले वायरस को अलग करने में सफलता पाई है। अब, वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि वे जल्द ही इस घातक वायरस के खिलाफ एक टीका का पता लगाएंगे।

इस रिसर्च का मुख्य उद्देश्य कोरोना वायरस को ठीक से समझना है कि ये किस तरह विकसित होता है और किस तरह सांस की नली पर असर डालता है।

कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी

चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वुहान में सबसे अधिक 81 मौतें हुईं। चीन के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक वायरस के कारण 722 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और 34546 मामले सामने आए हैं। कोरोना वायरस को लेकर पूरी दुनिया अलर्ट पर है। कई देशों ने चीन के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं।

कोरोना वायरस क्या है?

कोरोना असल में वायरसों का एक बड़ा समूह है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीएस) के मुताबिक, कोरोना वायरस जानवरों से मनुष्यों तक पहुंच जाता है। नया चीनी कोरोनो वायरस, सार्स वायरस की तरह है। इसके संक्रमण से बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं हो जाती हैं।