भारतीय नौसेना दिवस

भारत में प्रत्येक साल 04 दिसंबर को भारतीय नौसेना दिवस (Indian Navy Day) मनाया जाता है। इस दिन भारतीय नौसेना के वीरों को याद किया जाता है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर देश की रक्षा हेतु भारतीय नौसेना के समर्पण की सराहना की।

भारतीय नौसेना देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में भी भारतीय नौसेना का महत्वपूर्ण योगदान है। भारत की तीन सेनाओं में से एक नौसेना अपने सर्वश्रेष्ठ स्वरूप में है। भारतीय नौसेना अपनी क्षमताओं में लगातार इजाफा करते हुए यह आज विश्व की सबसे बड़ी नौसेनाओं में शामिल है।

भारतीय नौसेना के पास बड़ी संख्या में युद्धपोत और अन्य जहाज हैं, जिनमें से अधिकतर स्वदेशी हैं। भारतीय नौसेना का मुख्य उद्देश्य भारत की नौसेना की उपलब्धियों और भारतीय नौसेना की भूमिका पर प्रकाश डालना है। भारतीय नौसेना भारतीय सशस्त्र बल का एक मुख्य हिस्सा है।

भारतीय नौसेना दिवस क्यों मनाया जाता है?

1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय नौसेना की जीत के जश्न के रूप में भारतीय नौसेना दिवस मनाया जाता है। भारत की विजय का जश्न मनाने हेतु प्रत्येक साल 04 दिसंबर को नौसेना दिवस मनाया जाता है। भारतीय नौसेना की उपलब्धियों एवं वीर सैनिकों के बलिदान के सम्मान में प्रत्येक साल 04 दिसंबर को नौसेना दिवस मनाया जाता है।

भारत-पाकिस्तान युद्ध

पाकिस्तानी सेना ने 03 दिसंबर 1971 को भारत के हवाई क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्र में हमला बोल दिया था। भारत ने जवाबी कार्रवाई मेंऑपरेशन ट्राइडेंटचलाया था। इसी के साथ भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 के युद्ध की भी शुरुआत हुई थी। भारत ने तब पाकिस्तानी नौसेना के कराची स्थित मुख्यालय को निशाना बनाया था। भारतीय सेना को इस युद्ध में सफलता हासिल हुईं।

भारतीय नौसेना के एक रात के हमले में पाकिस्तान के सबसे बड़े कराची बंदरगाह पर तीन जहाज डूब गए। ऑपरेशन ट्राइडेंट के दौरान पहली बार एंटी शिप मिसाइलों का प्रयोग किया गया। इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान पर हमला कर उनकी सैन्य शक्ति को तबाह करना शुरू कर दिया था।

भारतीय नौसेना:

  • भारतीय नौसेना भारतीय सेना का सामुद्रिक अंग है। भारतीय नौसेना की अधिकृत शुरुआत 05 सितंबर 1612 को हुई थी। आधुनिक भारतीय नौसेना की नींव 17वीं शताब्दी में रखी गई थी।
  • भारतीय नौसेना का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। यह मुख्य नौसेना अधिकारी- एडमिरल के नियंत्रण में होता है। भारतीय नौसेना के पास लगभग 67,000 कर्मचारी और लगभग 295 नौसेना हथियार हैं।
  • भारतीय नौसेना तीन क्षेत्रों की कमांडों के तहत तैनात की गई है। इसमें से प्रत्येक का नियंत्रण एक फ्लैग अधिकारी द्वारा किया जाता है।
  • भारत का पहला विमानवाही पोत आई.एन.एस.विक्रांतथा। इसे साल 1961 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था। इस विमानवाही पोत को जनवरी 1997 में सेवामुक्त कर दिया गया था।
  • भारतीय नौसेना भिन्न-भिन्न देशों की बंदरगाहों के दौरे का आयोजन करती है। भारतीय नौसेना देश में किसी तरह की आपदा की स्थिति में भी सहायता का हाथ बढ़ाती है। भारतीय नौसेना को दक्षिण एशिया में सबसे मजबूत बल माना जाता है।