बीजेपी सांसद वीरेंद्र कुमार होंगे 17वीं लोकसभा के प्रोटेम स्पीकर

बीजेपी सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार 17वीं लोकसभा के प्रोटेम स्पीकर होंगे. नए चुने गए सांसदों को वह सदन की सदस्यता की शपथ दिलाएंगे. वह 7वीं बार सांसद चुने गए हैं.

वीरेंद्र कुमार भारत की 11वीं, 12वीं, 13वीं, 14वीं, 15वीं और 16वीं लोकसभा के सदस्य रहे. उन्होंने साल 1996-2009 के बीच मध्य प्रदेश के सागर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया. वे अभी मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. वे इस बार भी टीकमगढ़ की सीट से जीतकर आए हैं.

प्रोटेम स्पीकर के बारे में:
प्रोटेम स्पीकर एक अस्थायी स्पीकर होता है जो लोकसभा में कार्यों के संचालन के लिए सीमित अवधि के लिए नियुक्त किया जाता है. प्रोटेम स्पीकर सदन का सबसे वरिष्ठ सदस्य होता है जो स्पीकर और डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति नहीं होने तक सदन की कार्यवाही संचालित करता है.

हालांकि लोकसभा अथवा विधानसभाओं में प्रोटेम स्पीकर की जरूरत तब भी पड़ती है, जब सदन में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, दोनों का पद खाली हो जाता है.

प्रोटेम स्पीकर सदन के सबसे सीनियर सदस्य को बनाया जाता है. प्रोटेम स्पीकर ही सदन में नए चुनकर आए सदस्यों को शपथ दिलाते हैं. नए स्पीकर के चुनाव के बाद प्रोटेम स्पीकर का काम समाप्त हो जाता है.

वीरेंद्र कुमार के बारे में:

  • वीरेंद्र कुमार का जन्म मध्य प्रदेश के सागर शहर में 27 फरवरी 1954 को हुआ था.
  • पीएम मोदी के नेतृत्व वाली पहली सरकार में वह अल्पसंख्यक मंत्रालय एवं महिला एवं बाल विकास मिनिस्ट्री में राज्यमंत्री थे.
  • बचपन से ही आरएसएस से जुड़े डॉ. वीरेंद्र कुमार को सागर और टीकमगढ़ क्षेत्र में सादगी के लिए जाना जाता है.
  • वह पहली बार साल 1996 में सागर संसदीय सीट से सांसद चुने गए थे. उन्होंने अर्थशास्त्र में एमए और बाल श्रम संबंधी विषय पर पीएचडी की है.
  • वह कई सालों तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सक्रिय कार्यकर्ता और पदाधिकारी रहे हैं. इसके अलावा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विश्व हिंदू परिषद सहित भाजपा में विभिन्न पदों पर रह चुके हैं.