जलवायु परिवर्तन के कारण समाप्त होने वाले पहले ग्लेशियर “ओक्जोकुल” के लिए आइसलैंड में अंतिम संस्कार का आयोजन किया गया

आइसलैंड में जलवायु परिवर्तन के कारण समाप्त होने वाले पहले ग्लेशियर “ओक्जोकुल” के लिए “अंतिम संस्कार” का आयोजन किया गया। इस “अंतिम संस्कार” में आइसलैंड की प्रधानमंत्री कटरीन जैकब्सदोत्तिर भी शरीक हुई।

मुख्य बिंदु

गौरतलब है की “ओक्जोकुल” ग्लेशियर पिछले 700 वर्षों से अस्तित्व में था, इस ग्लेशियर को 2014 को मृत घोषित किया गया था। इस अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोग राजधानी रिकिविक के उत्तरपूर्व में एक ज्वालामुखी तक चल कर गये, और वहां पर पट्टिका समर्पित की, इसके द्वारा जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के लिए कहा गया है।

इस प्रक्रिया के दौरान एक चट्टान पर कांस्य पट्टिका स्थापित की गयी। इस पट्टिका पर “415 ppm CO2” लिखा गया है, यह पिछली मई में वायुमंडल में माप गयी कार्बन डाइऑक्साइड की रिकॉर्ड मात्रा है।

“ओक्जोकुल” ग्लेशियर

“ओक्जोकुल” ग्लेशियर आइसलैंड का ऐसा पहला ग्लेशियर है, जिसका ग्लेशियर स्टेटस समाप्त किया गया है। अगले 200 वर्षों में अधिकतर देशों के प्रमुख ग्लेशियरों की यही स्थिति होने के आसार हैं। आइसलैंड में प्रतिवर्ष 11 अरब टन बर्फ समाप्त हो रही है, वैज्ञानिको का मत है कि वर्ष 2200 तक आइसलैंड के सभी 400 से अधिक ग्लेशियर समाप्त हो सकते हैं।