चक्रवात ‘वायु’ से निपटने हेतु राज्यों को एडवायज़री जारी की गई

चक्रवाती तूफान ‘वायु’ के गुजरात तट से टकराने और आस पास के क्षेत्रों में तबाही की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने बचाव की तैयारियां शुरु कर दी हैं. गृह मंत्री अमित शाह और कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा ने अलग-अलग उच्च स्तरीय बैठकों में हालात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की है.

मौसम विभाग के अनुसार 13 जून को गुजरात के तट से चक्रवाती तूफान टकरा सकता है. मौसम विभाग ने 11 जून 2019 को चेतावनी दी कि अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. विभाग ने इसके मद्देनजर दक्षिण और पश्चिमी इलाकों, केरल, तटीय कर्नाटक, कोंकण और गोवा में अगले तीन दिनों तक तेज बारिश की आशंका व्यक्त की है.

मौसम विभाग ने बुलेटिन जारी कर बताया कि अगले 24 घंटे में वायु और तेज हो सकता है. मौसम विभाग के अनुसार 13 जून को गुजरात के पोरबंदर, महुवा, वेरावल और दियु में 110 से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. हवा की रफ्तार 135 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय इलाकों में 13-14 जून को भारी बारिश का आशंका जताया है.

गुजरात हाईअलर्ट पर

तूफान के वजह से गुजरात में हाईअलर्ट है. तटीय इलाकों में राष्ट्रीय आपदा नियंत्रक टीम (एनडीआरएफ) की तैनाती की गई है. मछुआरों को अगले कुछ दिनों के लिए भी समुद्र में न जाने के निर्देश दिए गए हैं. राजकोट के कमिश्नर ने 13 जून 2019 को सभी स्कूलों-कॉलेजों में छुट्टी का घोषणा कर दिया है. मछली पकड़ने गईं करीब 300 नौकाएं तट पर लौट आई हैं.

महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भी असर दिखा

महाराष्ट्र में चक्रवात के पहुंचने के पहले ही भारी बारिश शुरू हो गई है. तेज बारिश के वजह से मुंबई एयरपोर्ट पर फ्लाइट संचालन कुछ देर के लिए रोक दिया गया था.

ऑरेंज अलर्ट क्या होता है?

मौसम विभाग के मुताबिक जैसे-जैसे मौसम और खराब होता है तो येलो अलर्ट को अपडेट करके ऑरेंज कर दिया जाता है. जिन इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है, वहां के लोगों को इधर-उधर जाने, समुद्र के आसपास घूमने के प्रति सावधानी बरतने को कहा जाता है.

सोमवार को देश में सबसे गर्म स्थान:

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पालम क्षेत्र में 10 जून 2019 को अधिकतम तापमान, सामान्य से आठ डिग्री सेल्सियस अधिक, 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. उल्लेखनीय है कि दिल्ली में पिछले 20 साल में यह अब तक का सर्वाधिक गर्म दिन रहा. इससे पहले 26 मई 1998 को दिल्ली में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था. 10 जून 2019 को देश में सबसे गर्म स्थान राजस्थान का चुरु रहा. यहां अधिकतम तापमान 48.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

पाकिस्तान तटों पर क्या होगा इसका असर?

पाकिस्तान मौसम विभाग के विज्ञानी अब्दुर राशिद ने बताया कि तूफान के वजह से पाकिस्तानी तटों पर इसका ज्यादा असर नहीं होगा. लेकिन इसकी वजह से पाकिस्तान के तटीय इलाकों में हीट वेव (गर्मी) बढ़ सकती है. चक्रवाती तूफान वायु की वजह से अरब सागर में दबाव के क्षेत्र बनेगा. इसी वजह से पाकिस्तानी तटीय इलाकों में गर्मी बढ़ सकती है. अभी वहां 35 से 37 डि़ग्री तापमान है, जो बढ़कर 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है.