चंद्रिमा शाह विज्ञान अकादमी की पहली महिला अध्यक्ष बनीं

चंद्रिमा शाह को भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (Indian National Science Academy) का पहला महिला अध्यक्ष चुना गया है। चंद्रिमा शाह साल 2020 से अपना कार्यभार संभालेंगी। वे अजय कुमार सूद की जगह लेंगी। यह जानकारी भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी ने अपनी वेबसाइट पर दी है।

चंद्रिमा शाह को विज्ञान को जनसमूहों के मध्य प्रचलित करने की जिम्मेदारी होगी। उन्हें साथ ही विदेशी संस्थानों के साथ करार पर अधिक ध्यान देना होगा। इनकी सबसे ज्यादा प्राथमिकता लोगों के बीच विज्ञान को अधिक तीव्रता से बढ़ावा देना होगा।

चंद्रिमा शाह के बारे में:

  • चंद्रिमा शाह का जन्म 14 अक्टूबर 1952 को हुआ था।
  • वे साल 2020 से साल 2022 के बीच भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी की अध्यक्ष होंगी।
  • वे पहली महिला हैं जिन्हें भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी का अध्यक्ष बनाया गया है।
  • चंद्रिमा शाह राष्ट्रीय इम्यूनोलोजी संस्थान, दिल्ली में प्रोफेसर ऑफ़ एमिनेंस हैं।
  • वे इससे पहले राष्ट्रीय इम्यूनोलोजी संस्थान, दिल्ली की निर्देशक थीं।
  • उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की।
  • उन्होंने साल 1980 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल बायोलॉजी से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी।
  • वे साल 2016 से साल 2018 के बीच भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी की उपाध्यक्ष रहीं।

भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के बारे में:

  • भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारतीय वैज्ञानिकों की सर्वोच्च संस्था है। यह अकादमी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की सभी शाखाओं का प्रतिनिधित्व करती है।
  • इस अकादमी का मुख्य उद्देश्य भारत में विज्ञान व उसके प्रयोग को बढ़ावा देना है।
  • भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान संस्थान जिसे अब भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी कहा जाता है। इस संस्था की स्थापना 07 जनवरी 1935 को कलकत्ता में हुई थी।
  • इसका मुख्यालय साल 1946 तक एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल में था। इसका मुख्यालय साल 1951 में दिल्ली में स्थानांतरित कर दिया गया था।
  • भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी की स्थापना भारत में विज्ञान की प्रगति और मानवता एवं राष्ट्र कल्याण हेतु वैज्ञानिक ज्ञान का प्रसार करने के उद्देश्य से की गई थी।