केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लद्दाख क्षेत्र हेतु विंटर ग्रेड डीजल लॉन्च किया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 17 नवंबर 2019 को लद्दाख क्षेत्र के लिए पहले विंटर ग्रेड डीजल (शीतकालीन ग्रेड डीजल) बिक्री केन्‍द्र का शुभारंभ किया। इससे अत्यधिक ठंड के मौसम में डीजल ईंधन के जम जाने के कारण लोगों की समस्‍याओं के समाधान में सहायता मिलेगी।

गृह मंत्री द्वारा बताया गया कि विशेष विंटर ग्रेड डीजल में पांच प्रतिशत बायोडीजल भी मिश्रित किया गया है। -33 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भी यह डीजल अपनी तरलता बरकरार रखता है। डीजल के जमने से पहले लद्दाख में वाहन रुकते थे लेकिन अब वे सर्दियों में भी चलने वाले डीजल पर चल सकते हैं।

इससे संबंधित मुख्य तथ्य

  • लद्दाख में तापमान की गिरावट के साथ सर्दियों में सामान्य डीजल जम जाता है। इस डीजल के जमने से गाड़ियों को चलाने में परेशानी होती है।
  • इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने इसे ध्यान में रखते हुए विशेष विंटर ग्रेड डीजल का उत्पादन शुरू किया।
  • केंद्र सरकार लद्दाख के पूरी तरह से विकास के लिए 50 हज़ार करोड़ की लागत से बिजली, सौर ऊर्जा, शिक्षा तथा पर्यटन की योजनाओं को पूरा कर रही है।
  • विंटर ग्रेड डीजल का पहला बैच है। यह भारतीय मानक ब्यूरो के मानकों को पूरा करता है। इसको पानीपत रिफाइनरी से रवाना किया गया है।

फायदा

इस विंटर ग्रेड डीजल से अत्यधिक ठंड के समय पर्यटकों को यात्रा के दौरान आसानी होगी। इस क्षेत्र के लोगों की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा तथा कुल मिलाकर आर्थिक विकास में सहायता मिलेगी। इससे लद्दाख क्षेत्र का विकास होगा तथा रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे।

इस विंटर ग्रेड डीजल से लेह लद्दाख के लोगों के जीवन में नया शुभारंभ होगा। लद्दाख में जब सबसे अधिक पर्यटक आने का समय होता है, तब वहां अब यातायात की सुविधा पूरी तरह से मुहैया होगी, जो पहले नहीं होती थी।

विंटर ग्रेड डीजल क्या है?

विंटर ग्रेड डीजल एक विशेष श्रेणी का ईंधन है जो ठंड के मौसम में जम नहीं पाता है। यह डीजल -33 डिग्री सेल्सियस तापमान पर नहीं जमता है। दरअसल, लद्दाख में तापमान की गिरावट के साथ सर्दियों में सामान्य डीजल जम जाता है। लद्दाख में विशेष डीजल स्थानीय निवासियों के साथ भारतीय सेना, सुरक्षाबलों हेतु भी बहुत खास अहमियत रखता है।

यह भारत में पहली बार है जब भारतीय तेल ने देश की आवश्यकता के अनुसार एक शीतकालीन-ग्रेड डीजल का उत्पादन किया। शीतकालीन श्रेणी के डीजल की पहली डिलीवरी पानीपत तेल रिफाइनरी द्वारा दी गई, जबकि दूसरी डिलीवरी जालंधर तेल रिफाइनरी द्वारा निर्धारित की गई है।